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ट्रंप की धमकियां बेअसर, भारत रूस से बढ़ाएगा तेल की खरीद: रिपोर्ट

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों और टैरिफ के बावजूद भारत पर उनका प्रभाव सीमित नजर आ रहा है। खबर है कि भारत ने सितंबर महीने में रूस से तेल की खरीद बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, इस पर सरकार या भारतीय रिफाइनरीज की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी भारत पर रूसी तेल की खरीद को लेकर जुर्माना और टैरिफ लगा चुके हैं।

भारत की बढ़ती तेल खरीद

रॉयटर्स से बातचीत में तेल खरीद प्रक्रिया में शामिल तीन सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिफाइनरीज अगस्त की तुलना में सितंबर में 10 से 20 फीसदी अधिक रूसी तेल खरीद सकती हैं। इस हिसाब से रोजाना 1 लाख 50 हजार से 3 लाख बैरल तक की खरीद बढ़ सकती है।



रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले महीने रूस के पास अतिरिक्त तेल उपलब्ध होगा। इसका कारण यह है कि कुछ रिफाइनिंग रुकावटों के चलते रूस की कच्चे तेल को ईंधन में बदलने की क्षमता में कमी आई है। वहीं, जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन ने हाल ही में रूस की 10 रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे रूस की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 17 प्रतिशत तक प्रभावित हुई।

रूस पर पश्चिम के प्रतिबंध और भारत का रुख


साल 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए। उस दौरान भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर सामने आया। हालांकि, अब अमेरिकी सरकार इस लेनदेन पर आपत्ति जता रही है।

ट्रंप की शुरुआत में 25 प्रतिशत टैरिफ और जुर्माना शामिल था, बाद में इसे बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत किया गया। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदकर मुनाफाखोरी करने का भी आरोप लगाया।

भारत की स्थिति और वैश्विक परिदृश्य

भारत की तरफ से पहले ही साफ किया जा चुका है कि यूरोपीय संघ और अमेरिका खुद भी रूस से अरबों डॉलर का व्यापार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत ने तेल की खरीद बंद कर दी, तो रूस अपनी मौजूदा निर्यात क्षमता बनाए नहीं रख पाएगा, जिससे उसके तेल से मिलने वाले राजस्व पर सीधे असर पड़ेगा।

इस परिस्थिति में भारत की रूसी तेल पर निर्भरता और बढ़ सकती है, जबकि अमेरिकी दबावों के बावजूद भारतीय रिफाइनरीज अपनी रणनीति के अनुसार खरीद जारी रखने के लिए तैयार हैं।

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